रुद्राभिषेक पूजा
भगवान शिव के 'रुद्र' स्वरूप का दिव्य पंचामृत स्नान — नमकम् एवं चमकम् मंत्रों सहित, आपके नाम-गौत्र एवं इच्छित संकल्प के साथ वैदिक विद्वान ब्राह्मणों द्वारा सम्पन्न।
पैकेज चुनें
अपना पैकेज चुनें
बेसिक — सकृत रुद्राभिषेक
- संकल्प एवं गणेश-अंबिका-वरुण पूजन
- पंचामृत पूजन, राजसी श्रृंगार एवं विशेष नैवेद्य
- सकृत रुद्रपाठ द्वारा अभिषेक
- प्रसाद आपके पते पर भेजते हैं
स्टैंडर्ड — एकादशनी रुद्राभिषेक
- पूर्ण रुद्राभिषेक (बेसिक सहित)
- एकादश (11 बार) रुद्रपाठ अभिषेक
- राजसी श्रृंगार एवं विशेष नैवेद्य
- रक्षा सूत्रम् एवं प्रसाद
रुद्राभिषेक की वैदिक अवधारणा और महत्व
वैदिक परंपरा में 'रुद्र' का अर्थ है — "दुःखों का नाश करने वाला"। रुद्राभिषेक मूल रूप से शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी (जिसे "रुद्री पाठ" भी कहा जाता है) पर आधारित है, जिसमें मुख्य रूप से "नमकम्" और "चमकम्" के मंत्रों का प्रयोग किया जाता है।
वैदिक दृष्टिकोण से रुद्राभिषेक भगवान शिव के 'रुद्र' स्वरूप का दिव्य पंचामृत स्नान और आराधना है। यजुर्वेद में वर्णित इन दैविक, भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति को समर्पित शक्तिशाली मंत्रों के उच्चारण, श्रवण और इनके द्वारा किए गए अभिषेक से मन के गहरे संताप दूर होते हैं, संकल्प को दृढ़ता मिलती है, चित्त शांत होता है, भय दूर होता है, मनःकामनाएं पूर्ण होती हैं और वातावरण-पर्यावरण शुद्ध होता है।
रुद्राभिषेक से लाभ
पूजा विधि
रुद्राभिषेक आपके नाम, गौत्र एवं आपके इच्छित संकल्प के साथ वैदिक विद्वान ब्राह्मणों द्वारा सम्पन्न किया जाता है।
संकल्प — आपके नाम, गौत्र एवं इच्छित संकल्प के साथ पूजा आरंभ की जाती है।
श्री गणेश, अंबिका पूजन एवं वरुण पूजन।
भगवान शिव का पंचामृत पूजन।
सकृत अथवा एकादश रुद्रपाठ द्वारा अभिषेक — नमकम् एवं चमकम् मंत्रों के उच्चारण सहित।
उत्तर पूजन एवं राजसी श्रृंगार।
नैवेद्य, भोग, आरती एवं क्षमापना के पश्चात आपको प्रसाद भेजा जाता है।
उज्जैन में विशेष महत्व
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग तीर्थ नगरी उज्जैन में रुद्राभिषेक करने से विशेष लाभ होता है, और सभी तीर्थ नगरियों में तिल भर बड़ी उज्जैन नगरी में करने से महा पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है।
सर्वोत्तम समय
रुद्राभिषेक सोमवार (शिव का दिन), प्रदोष काल, महाशिवरात्रि एवं पवित्र श्रावण मास में विशेष रूप से फलदायी माना जाता है — फिर भी यह आपकी जन्मकुंडली के अनुसार किसी भी शुभ मुहूर्त में सम्पन्न किया जा सकता है।