अंगारक योग शांति पूजा
राहु-मंगल युति से उत्पन्न अत्यधिक क्रोध, चिड़चिड़ापन, पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान, व्यापार में हानि एवं रक्त विकारों की शांति हेतु—सिद्ध मंगलनाथ धाम उज्जैन में कस्टमाइज्ड अंगारक योग शांति पूजा।
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क्या आप भी इन समस्याओं और अनचाहे उतार-चढ़ाव से परेशान हैं?
- क्या आपको क्रोध अधिक आ रहा है! चिड़चिड़ापन और गुस्सा बना रहता है!
- पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान, अचानक बड़े खर्चे और धन हानि का सामना करना पड़ रहा है!
- नौकरी या व्यापार-व्यवसाय में कष्ट, उतार-चढ़ाव एवं लगातार हानि हो रही है!
- दुर्घटना आशंका और रक्त विकार, ब्लड प्रेशर जैसी व्याधियां घेरे हुए हैं!
संभवतः आपकी जन्मकुंडली में यह राहु/मंगल युति निर्मित अंगारक योग हो सकता है!
लेकिन यह सब निर्भर करता है जन्मकुंडली के एस्ट्रो डिटेल्स एनालिसिस पर कि राहु/मंगल योग की अंगार यानी बारूद और चिंगारी का साथ होना केवल क्रोध लाने को है या करोड़ों लाने को है! भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में मंगलनाथ धाम सिद्ध क्षेत्र में अपनी जन्मकुंडली के एस्ट्रो गाइडेड डिटेल्स पर आधारित शुभ मुहूर्त में अंगारक योग शांति पूजा करवाएं और विघ्नों से मुक्ति पाएं।
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बेसिक — अंगारक योग शांति पूजा
- नाम, गौत्र और इच्छित संकल्प सहित पूजा
- श्री गणेश, अंबिका एवं वरुण पूजन
- पुण्याह वाचन, मंडल मातृकाएं एवं नवग्रह स्थापन
- अंगारक अष्टोत्तरी पाठ एवं दोष निवारक हवन
- सिद्ध प्रसाद आपके पते पर प्रेषित
स्टैंडर्ड — कस्टमाइज्ड अंगारक योग एवं नवग्रह शांति
- पूर्ण अंगारक योग अनुष्ठान (बेसिक सहित)
- नांदी श्राद्ध एवं विशेष रुद्र स्थापन
- लग्न, राशि, महादशा आधारित विशेष अंगारक योग शांति
- अंगारक अष्टोत्तरी पाठ से विशेष औषधीय हवन
- प्रतिदिन सुनने वाले कस्टमाइज्ड मंत्रोच्चार ऑडियो ट्रैक्स
अंगारक योग की वैदिक अवधारणा और महत्व
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब अग्नि तत्व के अधिपति मंगल और भ्रम, अचानक उतार-चढ़ाव के कारक छाया ग्रह राहु (या केतु) की युति एक ही भाव में होती है, तो 'अंगारक योग' का निर्माण होता है।
मंगल को 'चिंगारी/अग्नि' और राहु को 'बारूद/वायु' माना गया है। जब ये दोनों ग्रह मिलते हैं, तो जातक के स्वभाव में उग्रता, अत्यधिक क्रोध, चिड़चिड़ापन, रक्त विकार, आर्थिक अस्थिरता एवं दुर्घटना की आशंका उत्पन्न होती है। किंतु जब जन्मकुंडली के एस्ट्रो डिटेल्स (लग्न, राशि, महादशा, नवम-पञ्चम भाव) का गहन विश्लेषण कर इस योग की विधिवत शांति की जाती है, तो यही आक्रामक ऊर्जा सकारात्मक पराक्रम और अपार धन-संपत्ति (करोड़ों की सफलता) में परिवर्तित हो जाती है।
अंगारक योग शांति पूजा से लाभ
पूजा विधि
अंगारक योग शांति पूजा में आपके नाम, गौत्र और इच्छित मनःकामना संकल्प सहित वैदिक विद्वान ब्राह्मणों द्वारा संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न किया जाता है।
संकल्प — यजमान के नाम, गौत्र एवं अंगारक योग जनित कष्टों के निवारण हेतु शास्त्रोक्त संकल्प।
श्री गणेश, अंबिका एवं वरुण पूजन — विघ्नहर्ता गणपति जी, देवी अंबिका एवं वरुण कलश की प्रतिष्ठा व पूजन।
पुण्याह वाचन, मंडल मातृकाएं एवं नांदी श्राद्ध — आध्यात्मिक शुद्धि, मातृका पूजन एवं पितरों के आशीर्वाद हेतु नांदी श्राद्ध।
नवग्रह एवं रुद्र स्थापन — राहु-मंगल की अनुकूलता तथा देवाधिदेव महादेव के रुद्र स्वरूप की मंडल स्थापना।
अंगारक अष्टोत्तरी पाठ एवं हवन — राहु-मंगल बीज मंत्र जप तथा अंगारक अष्टोत्तरी पाठ के साथ विशेष औषधीय हवन।
आरती, भस्म धारण एवं ऑडियो ट्रैक्स — महाआरती, रक्षा-सूत्र, पूर्णाहुति तथा नित्य श्रवण हेतु ऑडियो ट्रैक्स प्रेषण।
उज्जैन में विशेष महत्व
भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में मंगलनाथ धाम सिद्ध क्षेत्र में आपकी जन्मकुंडली के एस्ट्रो गाइडेड डिटेल्स लग्न, राशि, महादशा, नवम व पञ्चम ग्रह योगों पर आधारित शुभ मुहूर्त में अंगारक योग शांति पूजा करते हैं। मंगलनाथ तीर्थ मंगल देव की जन्मस्थली होने के कारण यहां मंगल व राहु से जुड़े दोषों की शांति का प्रभाव सर्वाधिक अचूक और प्रत्यक्ष होता है।
सर्वोत्तम समय एवं मुहूर्त
अंगारक योग शांति पूजा आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली के लग्न, महादशा और गोचर के आधार पर निकाले गए विशेष शुभ मुहूर्त में ही संपन्न कराई जाती है।